Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
सावन के झूलों ने मुझकों बुलाया, मैं परदेशी घर वापस आया.. नब्बे के दशक का ये बॉलीवुड सॉंन्ग आज भी लोगो के जेह़न में सावन और प्रीत के संयोग का रोमांच पैदा करता है। पर बीते इन दशकों में बदलती जीवनशैली और व्यस्ताओं के बीच ना तो सावन का महत्व रह गया है और ना ही आत्मीय सम्बन्धों का...जहां तक रिश्तों की बात हैं आज जरूरत के हिसाब से ही कुछ चन्द रिश्ते बचे हैं जिसमें ना तो आत्मीयता है ना ही स्नेह । ऐसे में क्यों ना इस सावन अपने सम्बन्धों में प्रीत की मधुरता घोली जाए और प्रकृति के सौन्दर्य के साथ रिश्तो की खूबसूरती भी महसूस की जाए । क्योंकि सावन सबसे बेहतर समय है अपने रिश्तो को पुर्नजीवित करने का ...
सावन सिर्फ एक बदलता मौसम नही है बल्कि ये प्रकृति और संसार के नव सृजन का समय होता है। हमारे यहां (भारत में) विभिन्न त्योहारों के रूप में इस सृजनकाल का उत्सव मनाया जाता है और लोक परम्पराओं, रस्मों के डोर से रिश्तो को संजोया जाता है। सावन में विवाहिता स्त्रियों के अपने मायके आने का रिवाज है जहां वों अपनी बीती यादों के साथ कुछ और यादगार लम्हे बुनती हैं ... इस बीच आने वाला तीज का त्योहार, पीहर और मायके बन्धन को खास बनाता है। सावन और प्रीत का ये सम्बन्ध आखिर में रक्षाबन्धन के स्नेह से और मधुर हो जाता है ।
प्यार का मौसम है सावन
• सावन, प्रणय सम्बन्धों और दामपत्य जीवन के लिए विशेष महत्व रखता है .. सावन में महिलाओं के सोलह श्रृंगार का बात की गयी है ...इस सावन आप भी अपने प्रीतम के लिए सजिए, संवरिए और अपने रूप के आकर्षण से अपने सम्बन्ध को और सुन्दर बनाइए।
सावन का म्यूजिकल ट्रीट
सावन से संगीत का भी गहरा रिश्ता है .. कजरी, सावनी, मल्हार जैसे लोकगीत सावन के तीज त्योहारों का आनन्द बढ़ाते हैं। पर आज की जीवन की आपाधपी में ये लोकगीत भी अपना अस्तित्व को चुके हैं, ऐसे में इस सावन, आप अपने बङे बुजुर्गों दीजिए सावन का म्यूजिकल ट्रीट… यूट्यूब और दूसरे वीडियो स्टोर में उपलब्ध है ऐसे ढ़ेरों लोक गीतसंगीत, जिसके फुहार से उनकी स्मृतियों का आंगन महक जाएगा ।
मौसम के साथ लीजिए लजीज पकवान का स्वाद
सावन में घेवर, मेवों से बने पकवान का अपना ही आनन्द है ..तो इन मिठाईयों से अपने परिजनों का मुंह मीठा करीए और जीवन में रिस्तों की मिठास वापस लाइए।
रक्षाबन्धन के स्नेह में बाँधता है
सावन, भाई बहनो को रक्षाबन्धन के स्नेह में बाँधता है... कोशिश कीजिए की इस सावन आप राखी और गिफ्ट्स भेजने की बजाए, साथ में मिलकर ये त्योहार मनाए।
झूलों के बिना सावन का मजा है अधूरा
सावन की बात हो और झूलों का जिक्र ना है तो सावन अधूरा लगता है ..पर इन दिनों बिल्डिंग्स के कम्पार्टमेऩ्ट और फ्लैट वाले घरों में झूलों के बारे में सोचना मुश्किल है ..ऐसे में आप बाहर निकलिए और अपने सोसाईटी के पार्क और ग्राउण्ड में झूले लगाइए और अपने बच्चों के साथ इस सावन का आनन्द लीजिए।
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
Author: Yashodhara Virodai
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.