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वो एक दिन पहले आज़ादी मनाते है और हम एक दिन बाद। जी हां वो 14 अगस्त 1947 को आज़ादी मनाते है और हम 15 अगस्त 1947 को। इससे पहले साथ साथ रहते थे और अजनबी भी हो गए और खूनी रिश्ते दुश्मनी में भी बदल गए। ये कोई कहानी नही बल्कि एक सच है। आज हम आपको ऐसी सच्ची बात बताएंगे जिसमे एक माँ ओर एक बहन का दर्द आज भी दबा हुआ है।
ये सच्ची कहानी है एक इंडियन आर्मी के मेजर की माँ की, जिसने अपने देश और फौजी बेटे के ख़ातिर अपने सगे खूनी रिश्तों को अलविदा कह दिया। बेटा देश के नाम शहीद हो गया और माँ आज भी अपने बेटे से किया हुआ वादा निभा रही है।
श्रीमती नय्यर सईद वो माँ है जिसका बेटा मेजर सय्यद ख़ावर सईद अपने मुल्क से कितनी मोहब्बत करते थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की मेजर की माँ के भाई पकिस्तान में थे,लेकिन मेजर ने अपनी माँ से दुश्मन मुल्क ना जाने की कसम ली थी, माँ के सामने भी अब एक तरफ देश और बेटा था और दूसरी तरफ खून का रिश्ता, उसका भाई था। एक माँ ने तो चुन लिया अपने बेटे को और दे दी कसम।
2000 में फ़ौज में भर्ती हुआ बेटा मेजर बना और 2003 में शहीद हो गया। लेकिन आज 15 साल बाद भी एक माँ अपने उस बेटे को किए हुए वादे को निभा रही है। जो उसने बेटे की मुल्क से मोहब्बत देखते हुए अपने भाई से उम्र भर ना मिलने का वचन मेजर को दिया था।मेजर की शहादत के बाद भाई ने बहन को पाकिस्तान बुलाया भी तो, मेजर की माँ के बेटे से किया हुआ वचन याद दिलाते हुए मिलने से इनकार कर दिया और आज तक एक माँ अपने बेटे से किया हुआ वादा निभा रही है।
बीस साल की उम्र में सन 2000 में इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के तोर पर रामपुर के मेजर सय्यद ख़ावर सईद ने देश की सेवा का जज्बा लेकर ज्वाइन किया।मेजर के मज़बूत इरादे और अपने काम में महारत की वजह से मेजर सय्यद ख़ावर सईद ने कई मिशान कामयाबी तक पहुचाएं,भारतीय सेना की कुमाओ रेजिमेंट का नाम रोशन किया।
मेजर एक ऑपरेशन के दौरान बोर्डर पर 15 जून 2003 को शहीद हुए थे। उनको मरनो परान्त बेज ऑफ़ सेक्रिफ़ाइज मेडिल भी दिया था।इससे पहले ज़िंदा रहते मेजर को नक्सल के खिलाफ भारतीय सेना में सर्विस सुरक्षा मैडल भी मिला था।मेजर को स्पेशल काउंटर ऑपरेशन में सेना सेवा मैडल मिला था। ये थे वो जाबाज़ मेजर खावर सईद।
देश की आज़ादी की सालगिरह पर ऐसी माँ को हमारा सलाम है।जिसने एक तरफ देश के लिए अपना बेटा दे दिया और दूरी तरफ अपने भाई से रिश्ता तक तोड़ दिया।ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल स्टोर से डाउनलोड करें L opscoop एप, वो भी फ़्री में और कमाएं ढेरों कैश वो भी आसानी से
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