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विराट कोहली अब तक 38 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी कर चुके हैं और लगभग हर मैच में उन्होंने टीम में बदलाव किए हैं। उनकी इस रणनीति के लिए आलोचना भी होती रही है। चौथा टेस्ट मैच गुरुवार को शुरु होने जा रहा है और जो संकेत मिल रहे हैं उससे लगता है कि कोहली प्लेंइंग XI में इस बार शायद कोई बदलाव न करें। इसकी एकमात्र वजह है तीसरे टेस्ट में जीत जिसमें टीम के हर खिलाड़ी ने योगदान किया था।
टीम इंडिया ने चार दिन पहले साउथम्टन में प्रेक्टिस की। बैटिंग प्रेक्टिस के दौरान वही ऑर्डर देखने को मिला जिस ऑर्डर में बल्लेबाज़ों ने तीसरे टेस्ट में बल्लेबाज़ी की थी। सबसे पहले शिखर धवन और केएल राहुल ने नेट्स में प्रेक्टिस की। उनके बाद चेतेश्वर पुजारा और कोहली आए। अजिंक्य रहाणे और रिऋभ पंत ने इनके बाद बल्लेबाज़ी की। हार्दिक पंड्या को भी बैटिंग करते देखा गया। अश्विन तीसरे टेस्ट में चोट की वजह से परेशान थे लेकिन उन्होंने भी बैटिंग की हालंकि बॉलिंग नहीं की।
टीम इंडिया को मंगलवार से अभ्यास करना था लेकिन अभ्यास के लिए एक दिन बड़ा दिया गया। टीम में शामिल नये चेहरे हनुमा विहारी और पृथ्वी शॉ सहित सभी 18 खिलाड़ियों ने प्रेक्टिस में भाग लिया जो करीब तीन घंटे चली। मैसम की बात करें तो बादल घिरे हुए थे और ठंडी हवा चल रही थी। ज़ाहिर है ऐसे मौसम में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने ख़ूब गेंदबाज़ी की। हेड कोच रवि शास्त्री ने पंत, शॉ और विहारी को ऐसे मौसम में बैटिंग करने के टिप्स दिए।
बहरहाल, कोहली और शास्त्री चाहेंगे कि चौथे टेस्ट में बाक़ी बल्लेबाज़ भी बेहतर प्रदर्शन करें। यहां की पिच रनों से भरी मानी जाती है। इंग्लैंड में इंग्लिश फ़र्स्ट क्लास सीज़न में यहां बड़े स्कोर बने हैं। इस सीज़न यहां प्रति विकेट औसत रन 34.10 रहा है। यहां तेज़ गेंदबाज़ों ने 6 मैचों में 30.97 की औसत से ज़्यादातर (122) विकेट लिए हैं जबकि स्पिनर्स ने 33.86 की औसत से 23 विकेट लिए हैं।
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