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बाबा रामदेव ने पतंजलि के कई प्रोडक्ट को आज राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में लॉन्च किया। जिसमें डेरी प्रोडक्ट के तौर पर गाय का दूध, देसी गाय के दूध से निर्मित दही , छाछ और पनीर शामिल है, साथ ही पतंजलि ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में 7 मेगावाट का संयंत्र, फ्रोजन सब्जियों और फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज जैसे फास्ट फूड क्षेत्र में भी कदम रखा।
पतंजलि दिवाली तक 3000 कपड़ों की नई रेंज के साथ फुटवियर और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में भी कदम रखने वाला है। बाबा रामदेव का दावा है कि देशी गाय के दूध से ना सिर्फ राजस्थान के एक लाख किसानों को फायदा पहुंचा, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में 20,000 नए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए है। रामदेव का यह भी दावा है कि आने वाले कुछ महीनों में 2 लाख से ज्यादा नई रोजगार पतंजलि उद्योग की तरफ से दिए जाएंगे।
बाबा रामदेव का दावा है कि पतंजलि एक लाख किसानों से देसी गाय का दूध खरीदता है। जो मूलतः हैं राजस्थान से लिया जाता है। बाबा रामदेव ने यह भी दावा किया कि मार्च के महीने तक 10 लाख किसानों से दूध सीधे खरीदा जाएगा और किसानों के अकाउंट में दूध का पैसा पहुंच जाएगा।
बाबा रामदेव का दावा है कि अन्य डेरी प्रोडक्ट की तुलना में पतंजलि का गाय का दूध बाजार में ₹2 सस्ता है। वही दिल्ली से ₹2 सस्ता दूध जयपुर में दिया जाएगा। बाबा रामदेव ने इसी के साथ ही एनसीआर मेरठ और जयपुर में पशु आहार उद्योग में भी कदम रखा है। जल्द ही बटर और टेक्सटाइल क्षेत्र में भी पतंजलि आएगा।
दिल्ली-एनसीआर में पतंजलि के कुल 30000 आउटलेट खोले गए हैं। जिसमें पतंजलि का दूध मिलेगा साथ ही जयपुर की 8000 समेत देशभर में 56000 दूध के केंद्र फ़िलहाल उपलब्ध है।
बाबा रामदेव ने डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने सबसे ज्यादा टैक्स तेल उत्पादों पर ही ठोका है। बाबा रामदेव ने संसद के बिल के जरिए गौरक्षा का कानून लाने की भी वकालत की और कहा कि नोटबंदी से भले ही देश में कालाधन कम हुआ हो लेकिन बाहरी काला धन और देश का काला पैसा लेकर उड़ने वाले लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जरूरत है।
बीकानेर और शेखावटी क्षेत्र से दूध उत्पादन करने वाले किसान राजधानी दिल्ली पहुंचे। जिन्होंने समाचार प्लस से बात करते हुए कहा कि ना सिर्फ पतंजलि दूध का पैसा सीधे उनके अकाउंट में जमा करा रहा है, बल्कि अन्य बड़ी डेरिया भी पतंजलि के आने के बाद उन्हें दूध का बेहतर भाव देने लगी है।
पतंजलि के पशु आहार से उन्हें फायदा पहुंच रहा है और देसी गाय का दूध अन्य गांव की तुलना में बहुत पोषक दायक है।
कमलनयन सिंह की अध्यक्षता में पतंजलि दिवाली के आसपास टेक्सटाइल क्षेत्र में भी कदम रखने वाली है और 3000 अलग-अलग तरह के कपड़ों की रेंज के साथ पतंजलि बड़े शहरों में शोरूम खुलने वाले हैं। खास बात यह है कि इसमें फैशन के साथ-साथ देश की परिधानों की भी लंबी रेंज मिलेगी और जूते चप्पल एवं बेल्ट में आर्टिफिशियल लेदर का इस्तेमाल होगा और किसी भी तरह से पशुओं की चमड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
राजस्थान ही नहीं दिल्ली एनसीआर के किसान भी तालकटोरा स्टेडियम में बड़ी संख्या में पहुंचे और बाबा रामदेव के ऑर्गेनिक खेती की मुहिम के साथ जुड़कर फ्रोजन सब्जियों के क्षेत्र में पतंजलि को अपनी सब्जियां बेचने का वादा भी किया।
सुनील बंसल की अध्यक्षता में पतंजलि काम कर रहा है सुनील बंसल की माने तो पतंजलि का दूध ना सिर्फ अन्य देशों की तुलना में सस्ता है बल्कि देसी गाय से निर्मित है। जिससे देसी गाय की प्रजाति को बचाने में भी मदद मिलेगी इसके जरिए पतंजलि रोजगार के नए अवसर पैदा करने की भी कोशिश कर रहा है।
संजय गिरी की अध्यक्षता में पतंजलि नवीनीकृत ऊर्जा क्षेत्र में भी कदम रख चुका है हालांकि अभी सौर ऊर्जा क्षेत्र में कुछ तकनीक और उपकरण विदेशों से आयात करने पड़ते हैं जिसमें डॉलर की गिरती साख से नुकसान हो रहा है, लेकिन यह बड़ा संकट नहीं है हमारी कोशिश है कि ग्रामीण क्षेत्र मैं सौर ऊर्जा संयंत्रों से किसानों को सौर पंप सौर लाइट मुहैया करवाई जाए
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